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सुरेन्द्र अग्निहोत्री

लखनऊ: 22 अक्टूबर, 2026

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी योजना के अंतर्गत अनुमन्य ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, सामुदायिक विकास और ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इन कार्यों के माध्यम से गांवों में आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करने के साथ ग्रामीण परिवारों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है पंचायत भवन ग्रामीण जनजीवन में संवाद, सामुदायिक सहभागिता और विकास संबंधी गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहे हैं पंचायत भवन के माध्यम से ग्रामीणों को सामूहिक चर्चा, स्थानीय विकास की योजनाओं और विभिन्न सामुदायिक गतिविधियों के लिए उपयोगी स्थान उपलब्ध हो रहा है। वहीं, आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण से बच्चों की देखभाल, पोषण और स्वस्थ बचपन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास में सहायता मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के समुचित विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।

श्री मौर्य ने कहा कि ग्रामीण विकास का उद्देश्य केवल भौतिक संसाधनों का निर्माण करना नहीं, बल्कि गांवों में शिक्षा, पोषण, सामुदायिक सहभागिता और जनसुविधाओं को बेहतर बनाना भी है। योजना के अंतर्गत अनुमन्य कार्यों से गांवों में आवश्यक परिसंपत्तियों का विकास होगा और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

विकसित भारत–जी राम जी योजना के अंतर्गत ग्रामीण सरकारी विद्यालयों में भी आधारभूत शैक्षिक सुविधाओं के विकास के लिए विभिन्न कार्य अनुमन्य हैं। इनमें अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण, शौचालय, खेल मैदान, रसोई शेड, प्रयोगशाला तथा विद्यालय परिसर की दीवार का निर्माण शामिल है। इन सुविधाओं के विकास से विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने और विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षिक संसाधन उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सुविधायुक्त विद्यालय बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं। अतिरिक्त कक्षा-कक्षों से शिक्षण के लिए स्थान उपलब्ध होगा, प्रयोगशालाओं से व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा मिलेगा तथा खेल मैदान बच्चों के शारीरिक विकास और खेल गतिविधियों के लिए उपयोगी होंगे। विद्यालयों में शौचालय, रसोई शेड और परिसर की दीवार जैसी आधारभूत सुविधाएं भी शैक्षिक वातावरण को व्यवस्थित बनाने में योगदान देंगी।

उन्होंने कहा कि पंचायत भवन, आंगनवाड़ी केंद्र और सरकारी विद्यालय जैसी ग्रामीण परिसंपत्तियां गांवों की आवश्यकताओं से सीधे जुड़ी हैं। विकसित भारत–जी राम जी योजना के अंतर्गत अनुमन्य कार्यों के माध्यम से इन सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक गतिविधियों, बच्चों के पोषण और शिक्षा से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विकास और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में प्रगति को गति मिलेगी।

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