
जुबली गर्ल्स कॉलेज, चारबाग में अथक प्रयासों के बावजूद लगभग 50 मतदाताओं के नाम ही जुड़ सके, जनता से आगे आने की अपील
लखनऊ। मतदाता सूची में नए नाम जुड़वाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। लेकिन जब आम जनता अपने मतदाता अधिकारों के प्रति उदासीन दिखाई दे और संबंधित विभागों की ओर से भी पर्याप्त प्रचार-प्रसार नजर न आए, तो यह स्थिति लोकतंत्र की मजबूती के लिए चिंता का विषय बन जाती है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व सदस्य राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अनिल यादव ने मतदाता जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अनिल यादव ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाना केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। लोगों में जागरूकता की कमी के साथ-साथ निर्वाचन आयोग की ओर से व्यापक प्रचार-प्रसार का अभाव भी एक महत्वपूर्ण सवाल है, जिस पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि लखनऊ के चारबाग स्थित स्टेशन मेमोरियल जुबली गर्ल्स कॉलेज में 245, 246, 247 और 248 नंबर से संबंधित क्षेत्रों में मतदाता सूची में नाम बढ़वाने के लिए अथक प्रयास किए गए। लोगों को जागरूक करने और अधिक से अधिक पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की कोशिश की गई। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद लगभग 50 नए मतदाताओं के नाम ही जुड़वाने में सफलता मिल सकी। यह स्थिति बताती है कि मतदाता जागरूकता को लेकर अभी बहुत काम किए जाने की आवश्यकता है।
अनिल यादव ने कहा कि जब लोगों को अपने मताधिकार के महत्व की जानकारी ही पर्याप्त रूप से नहीं मिलेगी, तो उनसे सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा करना कठिन होगा। निर्वाचन आयोग और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी आम जनता तक सरल भाषा में पहुंचाई जाए। इसके लिए क्षेत्रवार जागरूकता अभियान, स्थानीय स्तर पर सूचना प्रसार, शिविरों का व्यापक प्रचार और पात्र नागरिकों से सीधा संवाद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि केवल कार्यालयों में प्रक्रिया संचालित कर देना पर्याप्त नहीं है। यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि लोगों को समय पर जानकारी मिले और वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकें। खासकर युवाओं, पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों और उन लोगों तक जानकारी पहुंचनी चाहिए, जो किसी कारणवश अभी तक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए हैं।
अनिल यादव ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि सभी पात्र नागरिक अपने नाम की मतदाता सूची में जांच करें। यदि नाम दर्ज नहीं है, तो निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें। लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र मतदाता की भागीदारी महत्वपूर्ण है। जागरूक नागरिक ही मजबूत लोकतंत्र की नींव होते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मतदाता सूची से संबंधित कार्य किसी एक व्यक्ति, संगठन या विभाग की जिम्मेदारी भर नहीं है। इसमें प्रशासन, निर्वाचन तंत्र और आम जनता—सभी की सहभागिता आवश्यक है। जब तक लोगों को जागरूक करने के लिए सामूहिक प्रयास नहीं होंगे, तब तक मतदाता सूची को अधिक समावेशी बनाने का लक्ष्य पूरी तरह हासिल करना कठिन रहेगा।
अनिल यादव ने मांग की कि मतदाता सूची में नाम बढ़वाने की प्रक्रिया के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक जानकारी के अभाव में अपने मताधिकार से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक ताकत जागरूक मतदाता हैं और प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए गंभीर, पारदर्शी और प्रभावी प्रयास किए जाने चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि मतदाता जागरूकता को जनआंदोलन का रूप देने की जरूरत है। जनता को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा और संबंधित संस्थाओं को भी अपनी जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभानी होगी। तभी मतदाता सूची में अधिक से अधिक पात्र नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सकेगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकेगा।

