बुंदेलखंड को पान: शौर्य, संस्कृति औ इतिहास को हजार बरिस पुरान स्वाद
डॉ रविशंकर पांडेय बुंदेलखंड के प्रसिद्ध लोक महाकाव्य ‘आल्हा खंड’ की एक बेहद लोकप्रिय औ जानी-मानी पंक्ति है— ‘किला कालिंजर जग में जहिर, जाहिर पान महोबे क्यार’। इ पंक्ति उत्तर…
डॉ रविशंकर पांडेय बुंदेलखंड के प्रसिद्ध लोक महाकाव्य ‘आल्हा खंड’ की एक बेहद लोकप्रिय औ जानी-मानी पंक्ति है— ‘किला कालिंजर जग में जहिर, जाहिर पान महोबे क्यार’। इ पंक्ति उत्तर…