कृत्रिम बुद्धिमत्ता से कठिन विषयों को समझने और सवालों का हल
खोजने में मिल रही मदद
डिजिटल तकनीक से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और तार्किक
समझ को मिल रहा बढ़ावा
लखनऊ: 22 अक्टूबर, 2026
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सर्वाेदय विद्यालयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विद्यार्थियों की पढ़ाई को सरल और रोचक बनाने में मददगार साबित हो रही है। एआई आधारित साधनों से विद्यार्थी कठिन सवालों के हल समझने, विषयों से जुड़ी जिज्ञासाओं का समाधान पाने और अपनी समझ को बेहतर बनाने में सहायता ले रहे हैं। तकनीक के उपयोग से पढ़ाई के नए तरीके सीखने के साथ विद्यार्थियों में डिजिटल समझ और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता भी विकसित हो रही है।
एआई की मदद से गणित के सवालों को चरणबद्ध तरीके से समझना, विज्ञान के कठिन सिद्धांतों को उदाहरणों के जरिए जानना और भाषा संबंधी समस्याओं का समाधान खोजना आसान हो रहा है। विद्यार्थी अपनी जरूरत के अनुसार अभ्यास सामग्री प्राप्त कर विषयों की तैयारी बेहतर कर सकते हैं। इससे उन्हें किसी विषय को दोहराने, अपनी गलतियों को समझने और सीखने की गति बढ़ाने में मदद मिलती है। शिक्षकों के मार्गदर्शन में एआई का उपयोग विद्यार्थियों की पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक है।
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि तकनीक का सही उपयोग शिक्षा को अधिक सरल और प्रभावी बनाता है। एआई विद्यार्थियों को नई चीजें सीखने, अपनी क्षमताओं को निखारने और बदलते समय की चुनौतियों के लिए तैयार होने में मदद कर रहा है। इसका उपयोग सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से किया जाना जरूरी है।

