एच. पी. सिंह
लखनऊ। महाकवि पं.गोमती प्रसाद पाण्डेय ”कुमुदेश” जयंती एवं छंदकार दिवस समारोह” इस वर्ष 15 नवंबर 2026 को सायंकाल 3.30 बजे से मां दुर्गा मंदिर प्रांगण, जानकी विहार कालोनी, साठ फिटा रोड, पायनियर स्कूल के आगे पेट्रोल पंप से दाहिने मोड़ के पास, उत्तर प्रदेश छंदकार मंच एवं लक्ष्य साहित्यिक सामाजिक व सांस्कृतिक संस्थान के तत्वावधान में मनाया जाएगा, जिसमें पं रामतेज तिवारी आध्यात्मिक संस्थान की ओर से अनेक कवि साहित्यकारों को सम्मानित भी किया जायेगा। इस कार्यक्रम में राजधानी के व्यावसायिक कवियों को छोड़ कर समस्त छंदकारो को आमंत्रित किया गया है। छंदकार कुमुदेश जी देश के गौरव थे और उनकी प्रथम काव्य कृति कुमुदावली तत्कालीन छंदकारो में प्रतिनिधि कृति मानी जाती थी। आपकी तुलसी रत्नावली सवैया छंदो की उत्कृष्ट कृति उनके जीवन काल में ही प्रकाशित हो गयी थी, जिससे आपको देश में काफी ख्याति मिली थी । आपने मालती, वनमाला, कवित्त [सवैया संग्रह], जागृति गीत संग्रह, कृष्ण चरित्र प्रबंध काव्य की रचना की थी। ऐसे महान कवि ने अनेक कहानी, नाटक भी लिखे जो आकाशवाणी द्वारा प्रसारित भी हुये। महाकवि कुमुदेश जी की जयंती एवं छंदकार दिवस समारोह को उनके निधन के बाद से ही विभिन्न संस्थाओं द्वारा प्रत्येक वर्ष मनाया जाता रहा है, जिसमें निखिल हिन्दी परिषद, उत्तर प्रदेश युवा छंदकार मंच, अखिल भारतीय बागेश्वरी साहित्य परिषद, ब्रज कुमुदेश पत्रिका परिवार सहित अनेक संस्थाएं शामिल हैं। इस कवि, साहित्यकार, नाटककार, कहानी कार का निधन मात्र 55 वर्ष की अल्पायु में ही हो गया था, जिसके छंद आज भी सम्पूर्ण भारत वर्ष में गूँजते हैं और तत्कालीन सभी पत्र, पत्रिका में प्रकाशित होते रहे हैं । उन्होंने लगभग सभी छंदो में अपनी लेखनी चलाई। आपको श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए एक विशाल काव्य समारोह का आयोजन 15 नवंबर को जानकी पुरम विस्तार में किया जा रहा है, जिसमें सम्मिलित होने के लिए कुमुदेश जी के परिवार से संपर्क किया जा सकता है।

