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सुरेन्द्र अग्निहोत्री

4.12 लाख महिला दुग्ध उत्पादक बनीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ताकत

31 जनपदों में महिला नेतृत्व वाला दुग्ध मॉडल, 72,669 महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
                   – केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ: 05 नवम्बर, 2026

’उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल एवं कुशल मार्गदर्शन में’ उत्तर प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करने तथा उन्हें ‘लखपति दीदी’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश में महिला नेतृत्व वाली मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां ग्रामीण दुग्ध अर्थव्यवस्था में बदलाव की मजबूत धुरी बनकर उभरी हैं। वर्तमान में इन कंपनियों से लगभग ’’4.12 लाख महिला दुग्ध उत्पादक’’ संगठित रूप से जुड़ी हैं। इन कंपनियों ने प्रदेश के ’’31 जनपदों के 7,298 गांवों’’ में अपनी पहुंच स्थापित की है। इन कंपनियों ने स्थापना से अब तक लगभग ’’5,839 करोड़ रुपये का कारोबार’’ किया है तथा लगभग ’’132 करोड़ रुपये का लाभ’’ अर्जित किया है। इन कंपनियों से जुड़ी ’’72,669 महिलाएं ‘लखपति दीदी’’’ बन चुकी हैं। यह पहल महिलाओं को केवल दुग्ध उत्पादक के रूप में नहीं, बल्कि संगठित आर्थिक गतिविधियों की सक्रिय भागीदार और उद्यमी के रूप में स्थापित कर रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित पांच महिला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियांकृबलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, सामर्थ्य मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड तथा सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेडकृप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में महिला दुग्ध उत्पादकों को संगठित कर उन्हें बेहतर बाजार, पारदर्शी मूल्य और नियमित आय का आधार उपलब्ध करा रही हैं। ’’बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’’ बुंदेलखंड क्षेत्र के 7 जनपदों के 1,445 गांवों में कार्यरत है और इससे 96,320 महिला सदस्य जुड़ी हैं। स्थापना से अब तक कंपनी ने लगभग 2,295 करोड़ रुपये का कारोबार किया है तथा लगभग 58.75 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। कंपनी से जुड़ी लगभग 26,189 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
’’काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’’ पूर्वांचल क्षेत्र के 7 जनपदों के 1,198 गांवों में कार्यरत है। कंपनी से 56,280 महिला सदस्य जुड़ी हैं। कंपनी ने अब तक लगभग 855 करोड़ रुपये का कारोबार किया है तथा लगभग 16 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। कंपनी से जुड़ी लगभग 13,219 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
’’सामर्थ्य मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’’ मध्य क्षेत्र के 7 जनपदों के 1,560 गांवों में संचालित है। इससे लगभग 1.12 लाख महिला सदस्य जुड़ी हैं। कंपनी का अब तक लगभग 1,841 करोड़ रुपये का कारोबार रहा है तथा कंपनी ने लगभग 45 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। कंपनी से जुड़ी लगभग 18,000 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
’’श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’’ गोरखपुर क्षेत्र के 4 जनपदों के 1,170 गांवों में कार्यरत है। कंपनी से 74,350 महिला सदस्य जुड़ी हैं। कंपनी ने स्थापना से अब तक लगभग 370.07 करोड़ रुपये का कारोबार किया है तथा लगभग 4.46 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। कंपनी से जुड़ी लगभग 6,269 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

’’सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’’ तराई क्षेत्र के 6 जनपदों के 1,925 गांवों में संचालित है। इससे 72,670 महिला सदस्य जुड़ी हैं। कंपनी ने अब तक लगभग 477.89 करोड़ रुपये का कारोबार किया है तथा लगभग 8.16 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। कंपनी से जुड़ी लगभग 8,992 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
इन महिला दुग्ध उत्पादक कंपनियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में महिला दुग्ध उत्पादकों को संगठित बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। दूध की गुणवत्ता के आधार पर फैट एवं एसएनएफ आधारित पारदर्शी मूल्य निर्धारण प्रणाली अपनाई गई है। महिलाओं को उनके दूध का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाता है तथा कंपनियों द्वारा प्रत्येक माह की 3, 13 एवं 23 तारीख को दूध का भुगतान किए जाने की व्यवस्था की गई है। इससे महिलाओं को उनकी मेहनत का पारदर्शी मूल्य मिलने के साथ ही नियमित और सुनिश्चित आय का आधार प्राप्त हो रहा है।
बलिनी एवं सामर्थ्य मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां दूध की खरीद के साथ-साथ घी एवं पनीर जैसे दुग्ध उत्पादों का प्रसंस्करण भी कर रही हैं। वहीं काशी, श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एवं सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां दूध का संग्रहण कर निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से मदर डेयरी को उपलब्ध करा रही हैं। इस प्रकार दूध उत्पादन से लेकर संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महिला नेतृत्व वाला यह दुग्ध मूल्य श्रृंखला मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आय के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब उत्पादन से लेकर संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन तक की संगठित आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी कर रही हैं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, नियमित बैंक भुगतान, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और संगठित दुग्ध बाजार ने इस मॉडल को ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनाया है। उन्होंने कहा कि महिला नेतृत्व वाला यह मॉडल प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

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