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लखनऊ, 03 नवंबर 2026उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय, शाहजहांपुर का भ्रमण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर स्थित ब्रह्मलीन स्वामी शुकदेवानंद जी के मंदिर में पूजन-अर्चन करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की।
राज्यपाल महोदया ने कुलपति, वित्त अधिकारी, कुलसचिव, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, कुलानुशासक एवं समस्त संकायाध्यक्षों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का संचालन पूर्ण पारदर्शिता एवं सुस्पष्ट कार्ययोजना के अनुसार होना चाहिए। प्रवेश परीक्षा एवं अन्य सभी प्रशासनिक कार्य नियमित एवं समयबद्ध होने चाहिए। स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय के उच्चीकरण के फलस्वरूप नवनिर्मित स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के इतिहास से अवगत होते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को आत्मनिर्भर विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करना सभी का प्रथम लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता होनी चाहिए। विद्यार्थियों को परीक्षा में उनके द्वारा की गयी त्रुटियों से अवगत कराया जाना चाहिए। ऐसे विद्यार्थी जो अध्ययन में कमजोर हैं, उनके लिए विशेष मार्गदर्शन के साथ-साथ अभिभावकों से भी संवाद किया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय में वर्तमान एवं प्रस्तावित पदों की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा शीघ्र ही विश्वविद्यालय को शिक्षक, विद्यार्थी, अवसंरचना एवं प्रत्येक मामले में एक सुव्यवस्थित विश्वविद्यालय का रूप दिया जाना चाहिए।
राज्यपाल महोदया ने पुस्तकालय का निरीक्षण करते हुए संग्रहीत दुर्लभ पांडुलिपियों को देखा और कहा कि ऐसी पुस्तकों को विशेष रूप से संरक्षित किया जाए। उन्होंने उपलब्ध पुस्तकों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने ई-बुक्स, ई-जर्नल्स एवं विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर सुविधा को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने विवि स्थित वाचनालय एवं अतिगोपनीय कक्ष का लोकार्पण भी किया।
विज्ञान की प्रयोगशालाओं का भ्रमण करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद किया एवं उन्हें करियर संबंधी दिशानिर्देश भी दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी के उभरते हुए क्षेत्रों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष तकनीक आदि में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने प्रयोगशालाओं की व्यवस्था का निरीक्षण किया एवं विद्यार्थियों से प्रयोगों के संबंध में प्रश्न भी किए। विद्यार्थियों को स्वस्थ खानपान पर जोर देते हुए उन्होंने सभी विभागों को विद्यार्थियों की सुविधा हेतु विभागीय पुस्तकालय विकसित करने का भी निर्देश दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान श्री शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ की छात्र-छात्राओं के द्वारा मां सरस्वती की वंदना एवं राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया गया। विशेष प्रस्तुति में कक्षा 11 की छात्राओं के द्वारा गरबा एवं कथक नृत्य का मनमोहक प्रदर्शन किया गया।
कुलाधिपति महोदया ने कहा कि स्वतंत्र भारत में प्रत्येक व्यक्ति के लिए शिक्षा नितांत आवश्यक है। शिक्षा ग्रहण करने से भी कहीं अधिक आवश्यक यह है कि शिक्षा को व्यावहारिक जीवन में भी उतारा जाए। उन्होंने कहा कि आज प्रयोगशालाओं को इस ढंग से उन्नत बनाने की आवश्यकता है कि वास्तविक परीक्षण किए जा सकें। नशे से मुक्ति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के खिलाफ व्यापक अभियान चलाना शिक्षकों के साथ-साथ विद्यार्थियों का भी दायित्व है। उन्होंने कहा कि भारत स्वस्थ तभी बन सकेगा जब वह नशा मुक्त होगा। विद्यार्थियों को प्रेरणा देते हुए उन्होंने कहा कि आपको अंतरिक्ष की ऊंचाइयों और समुद्र की गहराइयों तक पहुंचकर शोध करना है। विद्यार्थियों के लिए कक्षाओं में उपस्थिति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की उपस्थिति 75 प्रतिशत से अधिक होनी ही चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि स्वावलंबन आज के समय की बहुत बड़ी मांग है। इस मौके पर उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि नैक मूल्यांकन के लिए विश्वविद्यालय को अभी से तैयारी प्रारंभ कर देनी चाहिए। उत्तरोत्तर गुणवत्ता में सुधार करते हुए विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख बनाने का प्रयास करना चाहिए। छात्राओं की अपेक्षाकृत अधिक उपस्थिति की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि निस्संदेह छात्राएं आज अथक परिश्रम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को विषम से विषम परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। सभी उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय एक आदर्श विश्वविद्यालय बने, ऐसी शुभकामना है।
इस अवसर पर कुलपति प्रो0 पुष्पेंद्र बहादुर सिंह एवं डॉ0 प्रवेंद्र दीक्षित द्वारा लिखित पुस्तक मार्केटिंग रिसर्च, डॉ0 जे. एस. ओझा द्वारा लिखित पुस्तक हिंदू लॉ एवं डॉ0 जे. एस. ओझा, डॉ0 अनिल कुमार एवं डॉ0 प्रदीप कुमार सिंह द्वारा लिखित पुस्तक न्यू क्रिमिनल लॉ रेजीम एंड ह्यूमन राइट्स इन इंडिया का विमोचन भी किया गया।
माननीय राज्यपाल महोदया ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण किया। पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने राज्यपाल जी से औपचारिक भेंट की ।  
राज्यपाल जी के विशेष कार्याधिकारी, अपर मुख्य सचिव स्तर डॉ0 सुधीर महादेव बोबडे ने विद्यार्थियों को डिजिटलाइजेशन के दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे नवीन क्षेत्रों की ओर उन्मुख होने हेतु प्रोत्साहित किया। विश्वविद्यालय के कुलपति ने राज्यपाल महोदया द्वारा दिए गए निर्देशों को पूर्ण करने का वचन देते हुए उनके विश्वविद्यालय में आगमन हेतु आभार व्यक्त किया। ’
इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ दीक्षित सहित जिले के सभी अधिकारी एवं विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।

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