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लखनऊ: 03 नवंबर, 2026

भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं एक्सपो-2026 में उत्तर प्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी बढ़ती ताकत, उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस प्रतिष्ठित आयोजन में उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने प्रदेश की ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों, नवाचारों और भावी कार्ययोजना को प्रस्तुत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री रणवीर प्रसाद, निदेशक श्री रविन्द्र सिंह, सचिव श्री पंकज सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने का जो संकल्प लिया है, उत्तर प्रदेश उसे धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश में सौर ऊर्जा, बायोएनर्जी और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विस्तार के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। पीएम सूर्य घररू मुफ्त बिजली योजना, पीएम-कुसुम, सोलर सिटी और यूटिलिटी स्केल सोलर परियोजनाओं के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा को आमजन, किसानों और उद्योगों तक पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन, किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने का महत्वपूर्ण आधार है। उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा के साथ-साथ कम्प्रेस्ड बायोगैस ;ब्ठळद्ध एवं बायोएनर्जी परियोजनाओं में भी निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार का प्रयास है कि आधुनिक तकनीक, उद्योग जगत की सहभागिता और निवेशकों के सहयोग से प्रदेश को ग्रीन एनर्जी के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।

समिट में उत्तर प्रदेश की नोडल एजेंसी यूपीनेडा द्वारा प्रदेश की प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं एवं परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया। इनमें सोलर सिटी, यूटिलिटी स्केल सोलर परियोजनाएं, कम्प्रेस्ड बायोगैस (ब्ठळ), बायोएनर्जी परियोजनाएं, पीएम सूर्य घररू मुफ्त बिजली योजना तथा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) प्रमुख रूप से शामिल हैं।

2 से 5 नवंबर तक आयोजित इस समिट में देश-विदेश के नीति निर्माता, निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ और विभिन्न राज्यों की नवीकरणीय ऊर्जा नोडल एजेंसियां प्रतिभाग कर रही हैं। आयोजन के माध्यम से निवेश, तकनीकी नवाचार और ऊर्जा क्षेत्र में आपसी सहयोग की नई संभावनाओं को भी बल मिल रहा है।

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