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प्रधान मंत्री के नाम प्रोत्साहन पत्र संख्या-119
प्रधान मंत्री जी!
सादर प्रणाम्
पत्र संख्या-119 हम अपना एगो मुक्तक से लिखल शुरू करऽतानी देखल जाव-
बदला सधेला ना आदिमी सधि जाला,
निहुरेला उहे जवन फरि के लदि जाला।
अइसे त उठान में धोती आकाशे सुखेला जरूर,
बूझाला कब जब कफ पित बाई से छाती जबदि जाला।। -सत्येन्द्र सिंह ’’सिवानी’’
प्रधान मंत्री जी! बिचार करे जोग एगो बात बा कि जवन वाक्य एक सूत्र में बान्हे के संदेश देहलसि तऽ ओह वाक्य से आखिर स्वर्ण के उदबास काहें लगावल जाता, राउर सब नारा उत्साह में बिजली भरे वाला रहल हऽ बाकिर खास वर्ग के नास पर काहे उतरल गईल बा।
प्रधान मंत्री जी! एह विषय पर चाहतानी रउरा से बतिआवल समय देबि। सारा विश्व सबका साथ, सबका विकाश सबका विश्वास पर गर्व करत रहल ह, आज ओइमे स्वर्ण को उद्बास जवन जोड़ाता कांहा ले मोनासिब बा बिचार होखों।
प्र्रधान मंत्री जी! एस.सी./एस.टी के दुरूपयोग पर उछाह से खजाना उझिलाता का ओह खजाना से ओह वर्ग के सबका लाभ बा जाएज त तब होईत जब ओह पईसा के ओह वर्ग के सभका में बटाईत त सभकर भला होईत। एगो स्वर्ण के सासत से सई आदिमी के सुविधा मिले तबो कुछ चलाउ होईत। प्रधान मंत्री जी! एहुजा स्वर्ण के कारण पइसवा दिआता भले ओकर नाश होखे या उद्वास लागे। स्वर्ण त जानता कीः-
दान मे दिआईल राज बनि के बिकनी बजाज,
सत्य खातिर कईले बा गोहार अश्मशान में।
कबो ना झुकवलसि उत झुकी के गोहार कइलस,
कफन ओहार खातिर जाके अश्मशान में।। -सत्येन्द्र सिंह ’’सिवानी’’
प्रधान मंत्री जी! हम फेर से निहोरा करब कि इतिहास मे ताना ना सुने के परे ओह बाना पर विचार करीं। सुविधा से सनक बढेला ढेर हाथ गोड़ चलावला पर कंगना के खनक बढेला। प्रधान मंत्री जी! आखिर के राउर मति मरले बा जे हर मोका पर राउर कहना मनले बा, गहना बनि के अनुपम सुन्दरता प्रदान करवेला बा, रउरा रैली में लाखों-लाख लोग जुटवले बा ताली-थाली बजववले बा बजवले बा, सबसिडी छोड़ले बा का ओकरा के घूॅट-घॅूट के मरे पर मजबुर कके छोड़े जा रहल बानी प्रधान मंत्री जी! राजा के तितिर वाला हालि मति करी।
प्रधान मंत्री जी! हमरा भोजपुरी में एगो खिस्सा कहल जाला कि कलवार के लईका खईला बिना छटपटात रहे आ लोग कहे कि दारू पिअले बा।
प्रधान मंत्री जी! रउरा त चल्हाक हई, 20 गो से अधिक देशन के सर्वोच्च नागरिक सम्मान हासिल कइले बानी ओइमे बाटा मति लगवाई सवारथ में बनावल कानून के हथियार मति बनावल जा हमार निहोरा बा। प्रधान मंत्री जी! देश केतना आगे बढो, परीक्षा पर चर्चा, युवा वर्ग के उत्साह देके रउरा गौरव हासिल कइले बानी बाकिर समाज के बुनियादी ढॉचा कइसे खाड़ा भईल आ कइसे खड़ा रही एईपर जो विचार भईल रहित त अइसन दिन देखे के ना मिलित।
प्रधान मंत्री जी! रउरा राष्ट्र रूपी गाड़ी के गार्ड बानी गाड़ी बेपटरी ना होखे विचार करी आजु ले किसान सम्मान निधि में बढोतरी ना भईल ओतने के ओतने रहि गईल आ नाहक में खटा-खट कहल दोसर केहू फटा-फट बांटता दोसर केहू।
अंत में प्रधान मंत्री जी! आजु ले रउरा अगिला कदम के जानकारी केहू के नइखे भईल हमरा विश्वास बा कि राउर अगिला कदम एस.सी./एस.टी., यूजीसी के आपस लेके सभका के दिपावली में उपहार देवि। एगो मुक्तक का साथ चिठ्ठी बन करऽतानी किः-
लड़ाई मति दुःशमन से लडे़ के सिखाई,
केहू के चढ़ाई मति शिखर पर चढ़े के सिखाई।
रउरा पर बहुत भरोसा बा तुरी मति,
गढ़हा मति करी कुछ गढ़े के सिखाई।। -सत्येन्द्र सिंह ’’सिवानी’’
एही का साथे
01
. रउरा मॉरिशस में भोजपुरी में गवात फगुआ के थाप पर मंत्र-मुग्ध भइल रहनी ओही भोजपुरी के संविधान में जगहा दिआ जाइत त आच्छा होईत।
02
. तीन गो चीनी मिल वाला जिला सिवान में एकहू चीनी मिल के चलवा दी।
राउरे
भोजपुरी कवि
सत्येन्द्र सिंह ’’सिवानी’
ग्राम-केल्हरूआ, पोस्ट-चित्ताखाल, थाना-गुठनी, जिला-सिवान, बिहार-841435
मोबाईल नं0-8084660707
दिनांक-04.11.2026

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