जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में मददगार बनी योजना
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 72,540 विवाह का लक्ष्य, 1,15,658 आवेदन आए
हरदोई प्रदेश में पहले और सीतापुर दूसरे स्थान पर
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
लखनऊ : 22 अक्टूबर, 2026
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए बेटियों की शादी में मददगार साबित हो रही है। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित इस योजना के तहत प्रदेश में सामूहिक विवाह के माध्यम से पात्र जोड़ों को नया जीवन शुरू करने का अवसर मिल रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 28,438 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 72,540 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य रखा है।
संयुक्त निदेशक एवं योजनाधिकारी श्री आरपी सिंह ने बताया कि अब तक प्रदेशभर से 1,15,658 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवेदनों की जांच के दौरान 34,654 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 11,540 आवेदन अपात्र पाए गए।
हरदोई और सीतापुर में हुए सबसे अधिक विवाह
उन्होंने बताया कि सामूहिक विवाह संपन्न कराने के मामले में हरदोई प्रदेश में सबसे आगे है। यहां अब तक 1,385 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया है। सीतापुर में 1,335 जोड़ों के विवाह के साथ दूसरा स्थान है। इसके बाद आजमगढ़ में 1,242 और पीलीभीत में 1,271 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया है।
पारदर्शिता के लिए तकनीकी व्यवस्था
योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-केवाईसी के माध्यम से आवेदकों का सत्यापन तथा ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए आय एवं जाति प्रमाण पत्रों का डिजिटल सत्यापन किया जा रहा है। आधार आधारित भुगतान व्यवस्था के माध्यम से पात्र लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में सहायता राशि सीधे पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
हर जोड़े के लिए एक लाख रुपये की सहायता
योजना के तहत हर जोड़े के विवाह पर कुल एक लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है। इसमें 64 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में गृहस्थी बसाने के लिए, 21 हजार रुपये वैवाहिक उपहार सामग्री के लिए और 15 हजार रुपये विवाह समारोह की आवश्यक व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं। इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता देना और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराने में सहयोग करना है।

