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चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड
कवि लेखक सह शिक्षक
हे माँ लक्ष्मी, लेकर तेरा नाम!
दीप जलाते,आकर तेरे धाम
सारे जगत का हो कल्याण
बस माँ, इतनी सी रखना ध्यान ।
माँ, भूखा ना रहे कोई भी इंसान
समस्त जनों को दे माँ, ऐसा वरदान
इतनी सी,सबकी आय बढ़ा दे
न कम हो,न ज्यादा ही कर दे ।
खुद की जरूरत हो जाये पूरी
घर आये मेहमान,न जाये खाली
समस्त धन धान्य की तु ही है मालकिन
मिठास ला दे माँ मन मे,दूर कर दे नमकीन ।
हरेक कोई खुशियाँ बाटे ,जश्न मनाये
अंधेरा मिटाये, रोशनी फैलाये
जगमग करे सबका भवन
मनाये खुशियाँ, होकर मगन ।
ऐसे ही सबका, कल्याण करो माँ
चुन्नू कवि बस,यही है प्रार्थना
जगत मे कोई भूखे रहे ना
श्रद्धा भाव आये कमी कभी ना ।

