श्रद्धापूर्वक मनाया गयादयोदय गौशाला में पूजन-अभिषेक, शांतिधारा एवं भक्तिमय आराधना के साथ युवाओं ने की मूक पशुओं की सेवा
शिवम् अग्निहोत्री
ललितपुर। परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज, वर्तमान नवाचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज, नगर गौरव पूज्य मुनि श्री सागर जी महाराज एवं आर्यिका गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी का अवतरण दिवस दयोदय पशु संरक्षण केंद्र (गौशाला), मसौरा में बड़े ही सादगीपूर्ण, श्रद्धापूर्ण एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल पूजन-अर्चन, अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रतिभास्थली की बहनों एवं बच्चियों द्वारा आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की भक्तिमय पूजन की गई। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने संतों के त्याग, तपस्या, संयम, अहिंसा एवं जीवदया के आदर्शों का स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।इस अवसर पर युवाओं द्वारा दयोदय पशु संरक्षण केंद्र में मूक पशुओं को गुड़ एवं चारा खिलाया गया। गौसेवा के माध्यम से जीवमात्र के प्रति प्रेम, करुणा और संवेदनशीलता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि संतों के प्रति सच्ची श्रद्धा उनके विचारों को जीवन में अपनाने और जीवों की सेवा करने में निहित है।पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद इमलिया ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का जीवन त्याग, तपस्या, संयम और जीवदया की अनुपम मिसाल है। उनके विचार समाज को धर्म, संस्कार और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। हमें संतों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाते हुए सेवा एवं परोपकार के कार्यों में निरंतर योगदान देना चाहिए।अंकुर जैन सानू बाबा ने कहा कि आचार्य भगवंतों का जीवन हमें प्रत्येक जीव के प्रति करुणा, प्रेम और संवेदनशीलता रखने की प्रेरणा देता है। सच्ची धर्म आराधना केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवों की रक्षा और सेवा करना भी धर्म का महत्वपूर्ण अंग है। दयोदय गौशाला में मूक पशुओं को गुड़ एवं चारा खिलाकर संतों के जीवदया के संदेश को आत्मसात करने का प्रयास किया गया है। हमें गौसेवा, जीव रक्षा और समाजसेवा के कार्यों में सदैव आगे रहना चाहिए।आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का संपूर्ण जीवन त्याग, तपस्या, स्वदेशी, शिक्षा, करुणा एवं जीवकल्याण के आदर्शों से परिपूर्ण रहा है। उनके आध्यात्मिक उत्तराधिकारी नवाचार्य श्री समयसागर जी महाराज सहित समस्त संतों एवं आर्यिका गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के अवतरण दिवस पर श्रद्धालुओं ने भावांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष दिगंबर जैन पंचायत श्री ज्ञानचंद इमलिया विनोद कामरा, अंकुर जैन सानू बाबा,, अमित जैन एलकेपी, आलोक जैन, श्री अखिल जैन, साहिल जैन,सलील जैन पुनीत जैन एवं आयुष जैन सहित अन्य श्रद्धालु शामिल रहे। कार्यक्रम में प्रतिभास्थली की समस्त बहनें एवं बच्चियां तथा दयोदय पशु संरक्षण केंद्र (गौशाला) का समस्त स्टाफ भी उपस्थित रहा।

