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मुख सचिव दिव्यांगजन सशक्तीकरण राजेश कुमार सिंह ने फीता काटकर किया मेले का उद्घाटन

9 विभागीय व 16 स्वैच्छिक संस्थाओं ने लगाई प्रदर्शनी; हस्तशिल्प, दीये और पूजन सामग्री के सजे आकर्षक स्टॉल

दिव्यांगजनों को दया नहीं, बल्कि समान अवसर, सम्मान और बाजार उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता: राजेश कुमार सिंह

लखनऊ, 05 नवम्बर 2026।

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिव्यांगजनों के कौशल, विशिष्ट प्रतिभा एवं उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने तथा उनके द्वारा निर्मित उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को लखनऊ में ‘दिव्य दीपावली मेला-2026’ का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने फीता काटकर मेले का विधिवत उद्घाटन किया। इस राज्य स्तरीय मेले में 09 विभागीय संस्थाओं एवं 16 स्वैच्छिक संस्थाओं ने सहभागिता की। मेले का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग कारीगरों व उद्यमियों द्वारा स्वनिर्मित उत्पादों को आम जनमानस के समक्ष प्रदर्शित व बिक्री हेतु उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।

मेले में दिव्यांगजनों द्वारा तैयार हस्तशिल्प, कलात्मक सजावटी सामग्री, पारंपरिक दीपक, मोमबत्तियां, दीपावली पूजन सामग्री, दैनिक उपयोग की गृह उपयोगी वस्तुएं एवं अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों के भव्य स्टॉल लगाए गए। मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने विभागीय अधिकारियों के साथ विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा उत्पादों की उच्च गुणवत्ता, फिनिशिंग एवं उपयोगिता की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने दिव्यांग उत्पादकों एवं प्रतिभागियों से सीधा संवाद करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे आगामी त्योहारों पर दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी करें, जिससे उनके हुनर, कड़े परिश्रम और स्वावलंबन के प्रयासों को सीधा संबल मिल सके।

समारोह को संबोधित करते हुए प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि दिव्यांगजन अपनी क्षमता और लगन के बल पर प्रत्येक क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित करने में सक्षम हैं। आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें समान अवसर, उपयुक्त मंच और उत्पादों के विपणन हेतु पारदर्शी बाजार सुलभ कराया जाए। ऐसे आयोजनों से दिव्यांगजनों में आत्मनिर्भरता का भाव सुदृढ़ होता है और वे स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक मुख्यधारा से जुड़ते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिव्यांगजन दया के नहीं, बल्कि समाज में सम्मान, समान भागीदारी और अवसरों के पूर्ण हकदार हैं।

इस अवसर पर दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक, उप निदेशक, राज्य आयुक्त दिव्यांगजन, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शशांक सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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