Spread the love
काशी के वेद पाठी बालक यज्ञोपवीत के धागों में नीति का सम्पूर्ण सार ग्रहण करके रूपायित होने की ओर कदम बड़ाते हुये, सूत्र के इन नौ धागों में जीवन-विकास का सारा मार्गदर्शन समाविष्ट कर दिया गया है। इन धागों को कन्धे पर, कलेजे पर, हृदय पर, पीठ पर प्रतिष्ठित करने का प्रयोजन यह है कि सन्निहित शिक्षा का यज्ञोपवीत के धागे स्मरण कराते रहें, ताकि उन्हें जीवन व्यवहार में उतारा जा सके ।


