विदर्भ कुमार
राजनीति के आगंन में हमेशा से मूल्यों को तिरोहित करने की परम्परा भारतीय जीवन का अभिन्न अंग रही है।नैतिकता और सुचिता के प्रति समाज का भाव उच्च आदर्श का नहीं रहा है। श्री धर्म सिह रावत आई ए एस को राजधानी में साईकिल से दफतर जाने और उच्च आदर्श के कारण अनेक बार निलंबन का सामना करना पडा। समाज मूकदर्शक बनी रही।सुश्री मायावती के दुलारे बिजय शंकर मिश्रा आई ए एस ने अपना राजनैतिक दल बनाया तो जनता ने नकार दिया।दिव्या मित्तल आई ए एस से त्यागपत्र देकर इसी राह पर है।अलंकार अग्निहोत्री पीसीएस से त्यागपत्र देकर इसी राह पर तेजी के साथ चले थे लेकिन राजनैतिक धरातल पल पर कहां है पता करना कठिन है।लगता है कि
गुम हो गये अलंकार अग्निहोत्री!

