सुरेन्द्र अग्निहोत्री
लखनऊ, 22 अक्टूबर। प्रख्यात बंगाली कवि, शिक्षाविद्, अधिवक्ता, गायक, संगीतकार, राष्ट्रवादी एवं समाजसेवी अतुल प्रसाद सेन की 155वीं जयंती अतुल उपवन, नगर निगम कार्यालय के सामने, लालबाग, लखनऊ में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई।
समारोह का आयोजन लखनऊ बंगीय नागरिक समाज द्वारा किया गया। संस्था की 16 वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत इस अवसर पर दुर्गा पूजा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पांच श्री श्री दुर्गा पूजा पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार पाने वाली पूजा समितियों में लालबाग पूजा समिति, बादशाह नगर पूजा समिति, कैंट पूजा कमेटी, राजाजी पूजा कमेटी तथा आनंद नगर पूजा समिति शामिल रहीं।
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रमुख हस्तियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें श्री आर.एस. निगम, श्रीमती महुआ चटर्जी, श्री अभिषेक मिश्रा, श्री कृष्णानंद रॉय, श्री अमित कश्यप, श्रीमती एकता गुप्ता, श्री आशीष रॉय, श्री देब नाथ (सुंदरबन, कोलकाता), श्री निहार डे, श्री अमित बोस तथा श्री डी.के. हलदार शामिल रहे।
सभी पुरस्कार विजेताओं एवं सम्मानित अतिथियों को स्मृति-चिह्न, प्रमाण-पत्र, पदक, शॉल तथा तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त 20 से अधिक महिलाओं को भी तुलसी के पौधे प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के आयोजन में लालबाग पूजा समिति के सदस्यों ने विशेष सहयोग एवं सहभागिता प्रदान की। व्यवस्था का संचालन देवा रोड निवासी श्रीमती महुआ चटर्जी ने किया, जबकि कार्यक्रम के समग्र प्रबंधन का दायित्व पारा के सांस्कृतिक संयोजक ने संभाला।
समारोह का शुभारंभ परंपरागत रूप से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय रचित ‘वंदे मातरम्’ तथा अतुल प्रसाद सेन रचित ‘मोदेर गोरब, मोदेर आशा’ के सामूहिक गायन से हुआ। दोनों गीतों की प्रस्तुति कोलकाता की प्रसिद्ध सांस्कृतिक संयोजिका सुश्री मिथु रॉय ने की।
समारोह के समापन अवसर पर रत्ना बापुली एवं पी.के. दत्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का समापन गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर रचित राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के गायन के साथ हुआ।
इस अवसर पर अतुल प्रसाद सेन के साहित्य, संगीत, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

