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लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर           
उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) द्वारा रियल एस्टेट क्षेत्र में पेशेवर दक्षता, नियामकीय समझ और पारदर्शी कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 53वें रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। चार दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन बुधवार को ग्रेटर नोएडा स्थित एनआईईटी परिसर में हुआ। कार्यक्रम का आयोजन छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के सहयोग से किया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 41 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। प्रशिक्षण पूरा करने और निर्धारित परीक्षा में सफल होने वाले प्रतिभागी प्रमाणित रियल एस्टेट एजेंट के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे।

कार्यक्रम का उद्घाटन यूपी रेरा के अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी ने ऑनलाइन माध्यम से किया। इस अवसर पर ग्रेटर नोएडा परिसर में राजस्व वसूली अधिकारी श्री अंशुमान सिंह और उप सचिव श्री पंकज सक्सेना उपस्थित रहे।

उद्घाटन सत्र में यूपी रेरा के सचिव श्री महेंद्र वर्मा, प्रधान सलाहकार श्री अबरार अहमद, वित्त सलाहकार श्री सुधांशु त्रिपाठी, संयुक्त सचिव श्री के.के. सिंह और सहायक निदेशक सिस्टम्स श्री अमरीश कुमार ने लखनऊ से ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की। वहीं, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर की ओर से श्री मोहित अवस्थी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

अध्यक्ष ने पेशेवर दक्षता और पारदर्शिता के लिए प्रशिक्षण को बताया अहम
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यूपी रेरा के अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और व्यवस्थित बनाने के लिए एजेंटों का प्रशिक्षित एवं नियमों के प्रति जागरूक होना आवश्यक है। इस दिशा में प्रशिक्षण और प्रमाणन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से रियल एस्टेट एजेंट बनने के इच्छुक लोगों को रेरा अधिनियम, संबंधित नियमों और प्राधिकरण की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी जाती है। इससे वे अपने दायित्वों को सही ढंग से समझने के साथ-साथ व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन अधिक जिम्मेदारी, दक्षता और ईमानदारी से कर सकेंगे।

श्री भूसरेड्डी ने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही विभिन्न समस्याओं का प्रभाव प्रमोटरों, एजेंटों और घर खरीदारों पर पड़ता रहा है। रेरा की स्थापना के बाद इन चुनौतियों के समाधान, जवाबदेही सुनिश्चित करने और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इससे घर खरीदारों के हितों की रक्षा करने और रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ाने में भी सहायता मिली है।

उन्होंने प्रतिभागियों को जानकारी दी कि प्रशिक्षण अवधि समाप्त होने के बाद निर्धारित परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें सफल अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जिसके आधार पर वे रियल एस्टेट एजेंट के पंजीकरण के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे।

अध्यक्ष श्री भूसरेड्डी ने कहा कि यूपी रेरा का प्रयास केवल नियामकीय प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने तक सीमित नहीं है। प्राधिकरण प्रदेश में एक ऐसी रियल एस्टेट व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ घर खरीदारों के हित सर्वोपरि हों तथा सभी संबंधित पक्षों के बीच विश्वास और जिम्मेदार व्यावसायिक व्यवहार को प्रोत्साहन मिले।

पहले दिन हुए तकनीकी सत्र
प्रशिक्षण के पहले दिन रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों और कानूनी विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को जानकारी दी। राजस्व वसूली अधिकारी श्री अंशुमान सिंह ने रेरा अधिनियम के प्रावधानों, यूपी रेरा के नियमों और विनियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पहले दिन के दूसरे सत्र में श्री अमरीश कुमार द्वारा एजेंट पंजीकरण, नवीनीकरण, निरस्तीकरण व पेनाल्टी से सम्बंधित जानकारी दी गई ।

इसके बाद श्री विनय अग्रहरी द्वारा यूपी रेरा के एजेंट पंजीकरण पोर्टल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पोर्टल की सुविधाओं एवं उपयोग की प्रक्रिया के बारे में प्रतिभागियों को अवगत कराया।

यूपी रेरा ने रियल एस्टेट एजेंट के पंजीकरण से पहले प्रशिक्षण और प्रमाणन को अनिवार्य किया है। इसका उद्देश्य रियल एस्टेट एजेंटों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना, सही व्यावसायिक व्यवहार को बढ़ावा देना और प्रदेश के घर खरीदारों के हितों को अधिक सुरक्षित करना है।

अब तक 2050 से अधिक अभ्यर्थी प्रमाणित
53वें प्रशिक्षण बैच की शुरुआत के साथ यूपी रेरा लखनऊ और ग्रेटर नोएडा में अब तक 52 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर चुका है। इन कार्यक्रमों के लिए 3,600 से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया, जबकि 2,260 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण पूरा किया है।

प्राधिकरण के अनुसार, 49वें बैच तक की प्रमाणन परीक्षा के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं। परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अब तक कुल 2071 अभ्यर्थी प्रमाणित हो चुके हैं।

रियल एस्टेट एजेंट के पंजीकरण से पहले प्रशिक्षण और प्रमाणन को अनिवार्य करना यूपी रेरा की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में काम करने वाले एजेंटों के पेशेवर स्तर को बेहतर बनाना और पूरे उत्तर प्रदेश में घर खरीदारों के हितों को अधिक मजबूत सुरक्षा प्रदान करना है।

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