इस बार मानचित्र एवं शमन मानचित्र के बकायेदारों को भी मिलेगा योजना का लाभ
लखनऊ विकास प्राधिकरण में ओटीएस (एकमुश्त समाधान योजना) के लिए बने हेल्प डेस्क से बकायेदारों को सहूलियत मिल रही है। इसके माध्यम से लोगों को योजना की विस्तृत जानकारी देने के साथ ही ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया में भी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि आवेदकों को आवेदन करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
शुक्रवार की शाम 6:00 बजे तक ओटीएस योजना के अंतर्गत कुल 1,567 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस बार योजना के दायरे में मानचित्र एवं शमन मानचित्र से संबंधित बकायेदारों को भी राहत प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि ओटीएस योजना के अंतर्गत पात्र बकायेदार 15 दिसंबर, 2026 तक आवेदन कर निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के अनुसार छूट का लाभ उठा सकते हैं। योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए प्राधिकरण द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता एवं सूचना प्रसार की कार्रवाई की जा रही है। बकायेदारों को योजना की जानकारी देने के लिए कॉल सेंटर एवं आईटी अनुभाग के माध्यम से फोन कॉल, मैसेज और ई-मेल के जरिए भी सूचनाएं भेजी जा रही हैं।
मानचित्र के बकायेदारों को भी लाभ
इस बार ओटीएस के अंतर्गत मानचित्र एवं शमन मानचित्रों के बकायेदार आवेदकों को भी राहत दी गयी है। इसमें जिन लोगों ने मानचित्र के देय शुल्कों की किश्तें समय पर जमा नहीं की हैं, उन्हें भी दण्ड ब्याज से छूट के प्रावधान का लाभ दिया जा रहा है।
योजना के खास फायदे
- आवेदन जमा करने की तिथि से 03 माह के अंदर निस्तारण।
- डिफाल्ट अवधि के लिए दंड ब्याज से पूरी राहत। केवल साधारण ब्याज लिया जाएगा, जिसकी गणना सॉफ्टवेयर से होगी।
- ओटीएस की पूरी राशि 30 दिन में जमा करने पर 02 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
- ओटीएस की रकम 50 लाख रुपये से अधिक है तो एक तिहाई भुगतान 30 दिन में और बाकी तीन द्विमासिक किस्त में 06 माह में देना होगा। समय से पैसा न देने पर अतिरिक्त दंड ब्याज के साथ एक माह में जमा करने का मौका मिलेगा।

