बालाघाट/ उमाश्री फाउंडेशन बालाघाट के दो पत्रकारों को प्रति वर्ष पं.विद्यासागर शर्मा स्मृति सम्मान से विभूषित करेगा! उमा श्री फाउंडेशन के महासचिव नैवेद्य शर्मा ने बताया कि लब्धप्रतिष्ठ साहित्य मनीषी सुकवि पं. सुधाकर शर्मा की संस्तुति से यह निर्णय लिया गया है कि क्रांति वीर, संपादक प्रवर पं. विद्यासागर शर्मा की स्मृति को अक्षुण्ण रखने के लिए उमा श्री फाउंडेशन साल में दो पत्रकारों को क्रांतिवीर पं.विद्यासागर शर्मा – सम्मान से विभूषित करेगा! ज्ञातव्य हो कि स्व. विद्यासागर शर्मा स्वनामधन्य क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद के निर्देशन में रामसनेही बाबा के रूप में क्रांतिकारियों को असला – बारूद, महत्वपूर्ण संदेश उदयपुर से जयपुर – दिल्ली – हरियाणा, पंजाब एवं लाहौर पर्यंत कोरियर सर्विस देते रहे! मात्र साड़े सोलह साल की अल्पायु में ही पं.विद्यासागर शर्मा कानपुर सेंट्रल स्टेशन में पिस्तौल सहित पकड़ाए गये थे,जिसे एक देशभक्त पुलिस अधिकारी ने खिलौना पिस्तौल जप्ती में दर्शा कर रिहा कर दिया था! शर्मा जी प्रताप कार्यालय में गणेश शंकर विद्यार्थी की छत्रछाया में साहित्यिक एवं जनपदीय पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवा देते हुए छद्म नाम से अंग्रेज हुकूमत के खिलाफ आग उगलते रहे! वैशम्पायनजी और रामसनेही बाबा ( विद्यासागर)को भगत सिंह को लाहौर जेल से उठवाने का प्लान बनाने की जिम्मेदारी भी दी गयी थी,जिसे आज़ाद के कहने पर ही रोक दिया गया! आज़ाद जानते थे कि प्लान फेल हुआ तो दो साथी और खोने पड़ जायेंगे! बांदा और सतना – पन्ना के घने जंगलों में विद्यासागर जी ने नौजवानों को बम ब्लास्ट की ट्रेनिंग भी दी है! डाॅ . शिव मंगल सिंह सुमन जी और सरल जी के बताये अनुसार वे सब उन्हें गुरू जी सम्बोधन देते थे! इन सभी जानकारियों की पुष्टि महान् क्रान्तिकारी पं. परमानंद जी, सदाशिव राव मल्कापुरकर आदि ने भी करते हुए विद्यासागर शर्मा को पेंशन और ताम्रपत्र हेतु आवेदन देने के लिए प्रेरित किया था,तब घनघोर अभावों में जीवन यापन करने वाले पं.विद्यासागर शर्मा ने पेंशन के लिए सरकार को आवेदन देने से इंकार कर दिया था!उनका प्रतिवाद था कि मैंने यदि थोड़ी – बहुत सेवा माॅ की कर भी ली तो क्या उसका मुआवजा माॅगूंगा ?
नैवेद्य शर्मा के अनुसार उमा श्री फाउंडेशन बगैर सरकारी या गैरसरकारी सहायता लिये सेवा और सेवकों का सम्मान करने हेतु कृत संकल्प है! फाउंडेशन अबतक एक मेधावी छात्रा को उमाश्री फैलोशिप और एक रंग, कला, संगीत और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने वाले साधक को उमा श्री सम्मान दिया है,इस वर्ष से एक वरिष्ठ और एक युवा पत्रकार को पं. विद्यासागर शर्मा स्मृति सम्मान से विभूषित किया जायेगा! तदनुसार वर्ष 2026को वरिष्ठ पत्रकार रामकुमार लेंडे और बैहर के युवा पत्रकार देवदत्त धानेश्वर के नाम पर विचार किया गया है! उमा श्री फाउंडेशन अपने आगामी सम्मान समारोह में दोनों पत्रकारों को सम्मानित करेगा!
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