एच. पी. सिंह
प्रदेश सरकार द्वारा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों के बच्चों को उच्चस्तरीय और निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘अटल आवासीय विद्यालय योजना’ राज्य में सामाजिक न्याय और शैक्षणिक पुनरुत्थान का सशक्त माध्यम बन चुकी है। यह महत्वाकांक्षी योजना पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों तथा निराश्रित व कोविड काल में अनाथ हुए छात्र-छात्राओं के जीवन में व्यापक सकारात्मक बदलाव ला रही है। जनपद जौनपुर में इस जनकल्याणकारी पहल का प्रभाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है, जहाँ के श्रमिक परिवारों की नई पीढ़ी अब अभावों की सीमाओं को पार कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
प्रशासनिक व्यवस्था के तहत जनपद जौनपुर वर्तमान में वाराणसी मंडल के कार्यक्षेत्र में सम्मिलित है। इस व्यवस्था के अन्तर्गत जौनपुर के पात्र मेधावी छात्र-छात्राओं को वाराणसी के करसड़ा (राजातालाब) स्थित आधुनिक अटल आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिलाकर लाभान्वित किया जा रहा है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रहने वाले ग्रामीण एवं श्रमिक पृष्ठभूमि के बच्चे आज इस आवासीय परिसर में आधुनिक शैक्षणिक परिवेश और गरिमापूर्ण जीवन का अनुभव कर रहे हैं।
इस परिवर्तनकारी योजना की सार्थकता जौनपुर जनपद के ग्रामीण अंचल की छात्रा जाह्नवी के जीवन से प्रमाणित होती है। एक सामान्य राजगीर मिस्त्री परिवार से संबंध रखने वाली जाह्नवी के लिए उत्कृष्ट स्तर की शिक्षा प्राप्त करना एक समय अत्यंत कठिन चुनौती थी। सीमित पारिवारिक संसाधनों के बावजूद जाह्नवी ने जिला प्रशासन और श्रम विभाग द्वारा आयोजित अटल आवासीय विद्यालय की पारदर्शी प्रवेश परीक्षा में अपनी प्रतिभा सिद्ध की। वर्तमान में वह करसड़ा स्थित विद्यालय परिसर में कक्षा 11 वीं की नियमित छात्रा है और अपने उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव रख रही है।
छात्रा जाह्नवी के अनुसार, यह योजना श्रमिक वर्ग के बच्चों के लिए वास्तविक वरदान सिद्ध हुई है, जहाँ आवास, पौष्टिक भोजन, गणवेश, पाठ्य-पुस्तकें, स्टेशनरी और स्वास्थ्य देखभाल जैसी सभी मूलभूत आवश्यकताएं पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। यहाँ अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि अनुशासन, संस्कार, खेलकूद और आत्मबल का ऐसा सकारात्मक वातावरण मिलता है, जो उन्हें किसी भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनने के लिए प्रेरित करता है।
जनपद जौनपुर में जिला प्रशासन एवं श्रम विभाग के समन्वित प्रयासों से इस योजना के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (न्च्ठव्ब्ॅ) के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ के पात्र बच्चों की पहचान हेतु जनपद के विकास खंडों, तहसीलों और ग्राम पंचायतों में निरंतर विशेष जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसका प्रत्यक्ष परिणाम यह रहा है कि प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षाओं में जौनपुर से आवेदन करने वाले बच्चों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है।
जिला विद्यालय निरीक्षक एवं श्रम कार्यालय तंत्र के माध्यम से कक्षा 6 और कक्षा 9 के लिए प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन पूर्ण शुचिता, निष्पक्षता और पारदर्शी व्यवस्था के तहत किया जाता है। ग्रामीण व सुदूर क्षेत्रों के श्रमिक परिवारों को आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा पाठ्यक्रम तथा चयन मानकों की विस्तृत जानकारी समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वास्तविक रूप से पात्र और वंचित बच्चे इस व्यवस्था से जुड़कर लाभान्वित हो सकें।
विद्यालय परिसर में छात्रों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पाठ्यक्रम के अनुरूप आधुनिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। भाषा और विज्ञान के सैद्धांतिक अध्ययन के साथ-साथ यहाँ सुसज्जित कंप्यूटर लैब, भौतिकी, रसायन एवं जीव विज्ञान की आधुनिक प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय और डिजिटल स्मार्ट क्लासरूम की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस बहुआयामी शैक्षणिक दृष्टिकोण के माध्यम से जौनपुर के ग्रामीण परिवेश से आने वाले बच्चे भी डिजिटल साक्षरता और तकनीकी दक्षता में दक्ष हो रहे हैं।
पठन-पाठन के अतिरिक्त छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए परिसर में एथलेटिक्स, फुटबॉल, वॉलीबॉल, योग तथा अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए मानक खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही, बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष बल दिया जाता है, जहाँ आहार विशेषज्ञों के परामर्श पर आधारित पौष्टिक एवं संतुलित भोजन छात्रावास में निःशुल्क दिया जाता है। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सकीय सुविधाएं भी प्रशासन द्वारा समय पर सुनिश्चित की जाती हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना के द्वितीय चरण का विस्तार राज्य के सभी 57 गैर-मंडलीय जनपदों में किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस दूरगामी नीति के तहत जनपद जौनपुर में स्थानीय स्तर पर नए अटल आवासीय विद्यालय परिसर की स्थापना हेतु प्रशासनिक स्तर पर भूमि चिन्हांकन तथा प्रारंभिक तकनीकी प्रक्रियाओं को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। जनपद स्तर पर पृथक परिसर स्थापित होने से जौनपुर के श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 1 से 12 तक की संपूर्ण आवासीय शिक्षा जनपद की सीमा के भीतर ही सुलभ हो सकेगी। आर्थिक विषमता और सामाजिक पिछड़ेपन को दूर करने में अटल आवासीय विद्यालय योजना एक क्रांतिकारी मॉडल बनकर उभरी है। जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार का यह साझा प्रयास श्रम शक्ति के सम्मान और वंचित वर्ग के सशक्तिकरण को नई ऊंचाई प्रदान कर रहा है।

