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सुरेन्द्र अग्निहोत्री

विभागों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित स्वीकृतियों और निवेशकों को समयबद्ध सहायता पर जोर

उच्चस्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में शिक्षा, रियल एस्टेट, नवीकरणीय ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग, होटल और पर्यटन क्षेत्र की परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों की समीक्षा

लखनऊ, 21 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश में निवेश परियोजनाओं को गति देने, निवेशकों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने और राज्य में उद्योग-अनुकूल माहौल को और मजबूत करने के उद्देश्य से बुधवार को ‘इन्वेस्ट यूपी’ कार्यालय में उच्चस्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) श्री दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक बाधाओं को दूर करने और अंतर-विभागीय समन्वय के जरिए एनओसी व स्वीकृति प्रक्रियाओं में तेजी लाने पर जोर दिया गया।

बैठक में शिक्षा, रियल एस्टेट, नवीकरणीय ऊर्जा, प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क, फूड प्रोसेसिंग, होटल एवं रिसॉर्ट तथा पर्यटन क्षेत्रों की परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई। भूमि उपयोग परिवर्तन, वैधानिक स्वीकृतियों, शुल्क छूट, सब्सिडी प्रतिपूर्ति और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित मामलों पर चर्चा हुई। संबंधित विभागों को इन समस्याओं के समाधान के लिए समन्वित कार्रवाई करने और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी रोकने पर बल दिया गया।

आईआईडीसी ने तय समयसीमा में स्वीकृतियां देने और निवेशक समस्याएं दूर करने के निर्देश दिए
श्री दीपक कुमार ने सभी संबंधित विभागों को प्रक्रियाएं सरल बनाने, आपसी समन्वय मजबूत करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर स्वीकृतियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निवेशकों की समस्याओं के समाधान में जवाबदेही और प्रशासनिक दक्षता बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो सके।
विभागीय समन्वय से निवेश परियोजनाओं की बाधाएं दूर करने पर जोर

बैठक में पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा), पावर कॉरपोरेशन, उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा), वन, राजस्व, उद्यान एवं आवास विकास विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा कर निवेशकों को नियामकीय और आधारभूत सुविधाओं से संबंधित

समस्याओं के समाधान में समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने पर चर्चा की गई।
बैठक में इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) श्री विजय किरण आनंद उपस्थित रहे। बाराबंकी के जिलाधिकारी श्री ईशान प्रताप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

स्टीयरिंग कमेटी के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों की समस्याओं के समाधान, विभागीय कार्रवाई में समन्वय और परियोजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी को मजबूत कर रही है। नीतिगत सहयोग, औद्योगिक बुनियादी ढांचे और जवाबदेह प्रशासन के जरिए राज्य निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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