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सुरेन्द्र अग्निहोत्री

लखनऊ,3 नवंबर 2026, विजुअल आर्ट फाउंडेशन, दलसिंहसराय, समस्तीपुर (बिहार) के तत्वावधान में 16वें शारदीय नवरात्र महोत्सव सह चतुर्थ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के अंतर्गत शहर स्थित अनन्या रेसीडेंसी में एक दिवसीय सृजनोत्सव सांस्कृतिक समारोह एवं विशेष कला सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर कला, संस्कृति, सामाजिक सहभागिता और धार्मिक परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला। समारोह में लखनऊ के तीन कलाकारों सहित विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।

समारोह में लखनऊ के वरिष्ठ वाश चित्रकार राजेंद्र प्रसाद को ‘कला प्रबुद्ध सम्मान-2026’ तथा चित्रकार, कला समीक्षक एवं क्यूरेटर भूपेंद्र कुमार अस्थाना और कथक नृत्यांगन राघवेंद्र प्रताप सिंह को ‘कला रत्न सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी ने तीनों कलाकारों को स्मृति चिह्न एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बिहार विधानसभा के मुख्य सचेतक संजीव कुमार चौरसिया, कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी, विधान पार्षद तरुण कुमार चौधरी, अनिल सिंह एवं विनोद कुमार समीर सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष मोहम्मद सुलेमान ने की। मंच संचालन उत्सव जायसवाल, हीरो राजन एवं प्रो. संजीव प्रकाश ने किया।

इस अवसर पर कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी ने बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों तथा कला-संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिहार ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध प्रदेश है। इसकी गौरवशाली विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बिहार संग्रहालय को इस विरासत को विश्व पटल पर प्रस्तुत करने वाला एक महत्वपूर्ण संस्थान बताया।

मंत्री ने कहा कि महाकवि विद्यापति की पावन धरती पर पूजा समितियों एवं कलाकारों को सम्मानित करना उनके लिए गौरव और हर्ष का विषय है। पूजा समितियां अपनी रचनात्मकता, समर्पण एवं सामाजिक सहभागिता से सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखती हैं, वहीं कलाकार अपनी प्रतिभा के माध्यम से समाज और संस्कृति को नई पहचान देते हैं। उन्होंने सभी सम्मानित प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

समारोह के दौरान फाउंडेशन की ओर से अतिथियों को माला, चादर, पाग एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर कथक नृत्यांगन राघवेंद्र प्रताप सिंह की मनमोहक नृत्य प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसे उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा।

महोत्सव के अंतर्गत दुर्गा पूजा समितियों को भी विभिन्न श्रेणियों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही बिहार के बाहर से आए अन्य कलाकारों एवं कला जगत से जुड़े विशिष्ट व्यक्तित्वों को भी सम्मान प्रदान किया गया।

वक्ताओं ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक महोत्सव क्षेत्र की कलात्मक पहचान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ कलाकारों, सांस्कृतिक संस्थाओं और सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। यह आयोजन कला एवं संस्कृति के संरक्षण, कलाकारों के सम्मान और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

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