सुरेन्द्र अग्निहोत्री
देश की संस्कारधानी के रूप में विख्यात जबलपुर की प्रख्यात साहित्यिक संस्था कादम्बरी के अलंकरण सम्मान समारोह में डॉ. विजय प्रकाश सैनी ‘विजय’ को उनके साहित्यिक अवदान के लिए प्रतिष्ठित ‘कादम्बरी सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
झाँसी के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ० विजय प्रकाश सैनी ‘विजय’ को जबलपुर में आयोजित कादम्बरी- अलंकरण सम्मान समारोह में बुंदेलखंड के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ० सुरेंद्र सिंह बुंदेला की स्मृति में कादम्बरी सम्मान से सम्मानित किया गया।
हर्ष की बात है कि बुंदेलखंड के ख्याति प्राप्त चिकित्सक स्वर्गीय डॉ० सुरेंद्र सिंह बुंदेला की स्मृति में यह सम्मान उनकी धर्मपत्नी एवं प्रख्यात साहित्यकार श्रीमती विमल बुंदेला तथा उनके सुपुत्र नोयडा के जाने-माने न्यूरोसर्जन डॉ० यशपाल सिंह बुंदेला ने डॉ० सुरेंद्र सिंह बुंदेला स्मृति कादम्बरी सम्मान से डॉ० विजय प्रकाश सैनी विजय को सम्मानित किया।
*ज्ञातव्य है कि डॉ० विजय प्रकाश सैनी ‘विजय’ की काव्य कृति *हम इतने झूठ तो कभी ना थे’ का लोकार्पण करते हुए वक्ताओं ने कहा कि डॉक्टर विजय प्रकाश सैनी विजय की कविताएँ समकालीन समाज की नुमाइंदगी करती हुए साहित्य के सरोकारों को प्रतिष्ठित करती हैं। झूठ को बेनकाब करने का काम ये कविताएं बखूबी करतीं हैं। समकालीन कविता का जीवंत दस्तावेज है डॉ० विजय प्रकाश सैनी विजय ने की यह काव्य कृति। उनकी कविताएं उपदेशात्मक न होकर विसंगतियों पर प्रहार करतीं हैं तथा आम आदमी के पक्ष में संघर्षरत दिखाई देती हैं। उल्लेखनीय है कि ‘हम इतने झूठे तो कभी ना थे’ को वर्ष 2026 के डॉ० सुरेंद्र सिंह बुंदेला कादम्बरी सम्मान से जबलपुर में आयोजित साहित्य समारोह में पुरस्कृत किया गया।
वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिला महामंत्री एवं विभिन्न सांस्कृतिक- साहित्यिक संस्थाओं के प्रमुख डॉ० विजय प्रकाश सैनी ‘विजय’ को प्रतिष्ठित कादम्बरी सम्मान से सम्मानित होने पर बुंदेलखंड क्षेत्र के साहित्यकारों, कवियों, लेखक़ों, रंगकर्मियों तथा रेलवे पेंशनर्स के अधिकारियों ने बधाइयाँ और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

