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गोल मिठाई के लिए,लर्रय भइया बैन।
इक दूजे के हातसे,झटकतदोऊ ऐन।।
(02)
बन्न-बन्नकीचात है,बच्चे गोल मिठाइ।
दादा गये दुकान पै,चाकलेट ले भाइ।।
(03)
खट्टी-मीठीचावनै,बच्चन गोल मिठाइ।
नाना गये बजार में,चाकलेटलुबआइ।।
(04)
गोल मिठाइ खातरय,हल्के मेंहमभाइ।
दद्दा नन्ना बाइनै,खूब इंदु”खौ ल्आइ।।
(05)
खाबे में नौनी॑ लगै,खूब लेत रय स्वाद।
दांगी”खूबइखातरय,आये पिछलीयाद।।
शोभारामदा॔गी “इ॑दु”
न॑दनवारा जिला टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश)

