Spread the love

(उत्पत्ति-स्थान)

चन्द्रमा के पर्वत से उदित होकर सूर्य पर्वत तक जाने वाली निर्दोष रेखा, उत्तम भाग्य रेखा की श्रेणी में आती है। इसे Apollo-line भी कहते हैं।

(परिणाम)

जीवनसाथी सौन्दर्य, प्रेम व प्रतिभा’ सम्पन्न विवाह के बाद भाग्योदय। ऐसे जातक की कुण्डली में सूर्य की स्थिति केन्द्र-त्रिकोण में बहुत सुदृढ़ होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!