शिवम अग्निहोत्री
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन-2026 को लेकर जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों का प्रशिक्षण संपन्न, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
ललितपुर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें निर्वाचन से संबंधित जिम्मेदारियों, चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों, आदर्श आचार संहिता के अनुपालन और मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी सत्य प्रकाश ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्नातक निर्वाचन की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी अधिकारियों को प्रत्येक स्तर पर सतर्कता बरतनी होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में सक्रिय रहकर जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य ऐसा वातावरण सुनिश्चित करना है, जिसमें प्रत्येक मतदाता बिना किसी भय, दबाव अथवा प्रलोभन के स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं। प्रशिक्षण के दौरान जोनल मजिस्ट्रेटों को उनके आवंटित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आदर्श आचार संहिता के अनुपालन की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को बताया गया कि मतदान केंद्रों पर किसी भी प्रकार की तनावपूर्ण अथवा आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करें और नियमानुसार त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करें। जोनल मजिस्ट्रेटों को अपने क्षेत्र में निर्वाचन संबंधी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने, संबंधित अधिकारियों से संपर्क बनाए रखने तथा किसी भी समस्या की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश भी दिए गए। सेक्टर मजिस्ट्रेटों को मतदान से पहले अपने-अपने सेक्टर के सभी मतदान केंद्रों का निरीक्षण करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। उन्हें मतदान केंद्रों पर पेयजल, बिजली, रैंप और सुरक्षा व्यवस्था सहित आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मतदान केंद्रों पर किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर समय रहते उसका निराकरण कराने पर जोर दिया गया। मतदान के दिन मॉक पोल निर्धारित समय पर शुरू कराने, मतदान प्रक्रिया पर लगातार नजर रखने और प्रत्येक दो घंटे में मतदान प्रतिशत तथा बूथ की स्थिति की रिपोर्ट कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी समझाई गई। इसके अतिरिक्त पोलिंग पार्टियों को सुरक्षित रूप से मतदान केंद्रों तक पहुंचाने और मतदान समाप्त होने के बाद निर्वाचन सामग्री को सुरक्षित स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने की व्यवस्था के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी अधिकारियों से निर्वाचन संबंधी दायित्वों को गंभीरता से लेने और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने की अपेक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी अतिरंजन सिंह, मास्टर ट्रेनर्स तथा तैनात जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट उपस्थित रहे। अधिकारियों को निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान अपनी भूमिका का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने और किसी भी परिस्थिति में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


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